ब्लू मून 2026: आसमान में चांद का दुर्लभ नजारा और इसके महत्व
Blue Moon 2026: आसमान में चांद का अनोखा दीदार, जानें क्या है ब्लू मून और कहां आएगा नजर
Image: Nbt Navbharattimes
31 मई 2026 को एक दुर्लभ खगोलीय घटना, ब्लू मून, देखने को मिलेगा। यह घटना तब होती है जब एक महीने में दो बार पूर्णिमा होती है। ब्लू मून का रंग नीला नहीं होता, और यह माइक्रोमून के साथ भी होगा, जिससे चांद आकार में छोटा दिखाई देगा।
- 01ब्लू मून हर 2 से 3 साल में एक बार होता है, जब एक महीने में दो बार पूर्णिमा होती है।
- 0231 मई को अमेरिका में चांद सुबह 4:45 बजे अपने चरम पर होगा।
- 03ब्लू मून के साथ माइक्रोमून भी होगा, जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर होता है।
- 04भारत में देखने का सबसे अच्छा मौका 30 मई की शाम को था।
- 05चंद्रमा की औसत दूरी 384400 किलोमीटर है, जबकि अपोजी के दौरान यह 406093 किलोमीटर दूर हो सकता है।
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वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, 31 मई 2026 को ब्लू मून का एक दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा। यह घटना तब होती है जब एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होती है, जो हर 2 से 3 साल में एक बार होती है। NASA के अनुसार, ब्लू मून का रंग नीला नहीं होता है। यह खगोलीय घटना अमेरिका में सुबह 4:45 बजे अपने चरम पर होगी, जबकि भारत में इसका सबसे अच्छा दृश्य 30 मई की शाम को था। इस बार का ब्लू मून एक माइक्रोमून के साथ भी होगा, जिससे चंद्रमा आकार में छोटा दिखाई देगा। अपोजी के दौरान, चंद्रमा पृथ्वी से 406093 किलोमीटर दूर हो सकता है, जो इसकी औसत दूरी 384400 किलोमीटर से अधिक है। अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप के दर्शक 30-31 मई की रात को सबसे पूर्ण चांद देखेंगे, जबकि एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 31 मई को सबसे ज्यादा चमक दिखाई देगी।
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