राजस्थान में जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाने का मामला, जांच शुरू
चौंकाने वाला मामला: जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाने का आरोप, जांच शुरू

Image: Globalherald
राजस्थान के सिरोही जिले में एक व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाने का मामला सामने आया है। पीड़ित लक्ष्मण माली ने जब नया जन आधार कार्ड बनवाने की कोशिश की, तो पता चला कि उन्हें 2020 में मृत घोषित किया गया था। इस मामले में नगर पालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य पर आरोप लगे हैं।
- 01लक्ष्मण माली को सरकारी रिकॉर्ड में 6 मई 2020 को मृत घोषित किया गया था।
- 02इस मामले में नगर पालिका के तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर परेश कुमार माली पर गंभीर आरोप हैं।
- 03पीड़ित की पत्नी और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
- 04पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
- 05जांच में डिजिटल सिग्नेचर और सिस्टम एक्सेस की फोरेंसिक जांच की जाएगी।
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राजस्थान के सिरोही जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक जीवित व्यक्ति, लक्ष्मण माली, को सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब लक्ष्मण ने नया जन आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया और पता चला कि उन्हें 6 मई 2020 को मृत घोषित किया गया था। इस घटना के पीछे नगर पालिका के तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर परेश कुमार माली का हाथ बताया जा रहा है, जिसने अवैध रूप से विभाग के अधिशाषी अधिकारी का डिजिटल सिग्नेचर और पासवर्ड का दुरुपयोग किया। पुलिस ने लक्ष्मण की शिकायत पर परेश माली, उनकी पत्नी सोनू माली और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत जांच शुरू की है, जिसमें धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं शामिल हैं। सहायक उप निरीक्षक ओमप्रकाश मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं।
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इस मामले ने सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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