बिहार में मसूर की खरीद शुरू, आत्मनिर्भर दलहन अभियान का पहला चरण
बिहार में ‘आत्मनिर्भर दलहन अभियान’ के तहत पहली बार मसूर की खरीद शुरू
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केंद्र सरकार ने बिहार में 'आत्मनिर्भर दलहन अभियान' के तहत पहली बार संगठित रूप से मसूर की खरीद शुरू की है। इस अभियान का लक्ष्य 32,000 टन मसूर खरीदना है, जिसमें अब तक 100 टन की खरीद हो चुकी है। यह योजना किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
- 01बिहार में पहली बार मसूर की संगठित खरीद शुरू हुई है।
- 02इस योजना का लक्ष्य 32,000 टन मसूर खरीदना है।
- 03अब तक 100 टन मसूर की खरीद हो चुकी है।
- 04किसानों का पंजीकरण E-Samyukti पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से किया जा रहा है।
- 05NAFED भी मूल्य समर्थन योजना के तहत राज्य में संचालन बढ़ाने की तैयारी में है।
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केंद्र सरकार ने बिहार में 'आत्मनिर्भर दलहन अभियान' के तहत पहली बार मसूर की संगठित खरीद शुरू की है। इस अभियान में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस योजना का लक्ष्य 32,000 टन मसूर की खरीद करना है, जिसमें 22 अप्रैल तक 100 टन की खरीद की जा चुकी है। अब तक 16 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियाँ (PACS) पंजीकृत हो चुकी हैं और 59 किसानों को जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लाभ सुनिश्चित करने में मदद करेगी। साथ ही, छत्तीसगढ़ में भी दलहन खरीद अभियान को तेज किया गया है, जहाँ 63,325 टन चना और 5,360 टन मसूर की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। किसानों का पंजीकरण E-Samyukti पोर्टल के जरिए डिजिटल रूप से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।
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यह योजना किसानों को बेहतर MSP प्रदान करके उनकी आय को बढ़ाने में मदद करेगी।
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