दिल्ली में भूजल संकट: 2025 तक 92% तक पहुंचा भूजल दोहन
Delhi: केंद्रीय भूजल आयोग और जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट में सामने आई हकीकत, 92 फीसदी तक पहुंचा भूजल दोहन

Image: Amar Ujala
दिल्ली में भूजल का अत्यधिक दोहन 2025 तक 92.10% तक पहुंच गया है, जो संकट की स्थिति को दर्शाता है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, कई जिले ओवर-एक्सप्लॉइटेड श्रेणी में हैं, जिससे निर्माण गतिविधियों और जनसंख्या वृद्धि के कारण जल संकट गहरा रहा है।
- 012025 में दिल्ली का भूजल दोहन स्तर 92.10% तक पहुंच जाएगा, जो क्रिटिकल श्रेणी में है।
- 02नई दिल्ली, उत्तर-पूर्व, शाहदरा और दक्षिण जिले ओवर-एक्सप्लॉइटेड श्रेणी में हैं।
- 03दिल्ली में हर दिन लगभग 250 एमजीडी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
- 04भूजल प्रदूषण के कारण कई क्षेत्रों में नाइट्रेट, फ्लोराइड और भारी धातुओं की मौजूदगी पाई गई है।
- 052030 तक भूजल स्तर और नीचे गिरने की आशंका है, जिससे जल संकट और गहरा हो सकता है।
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दिल्ली में भूजल का अत्यधिक दोहन तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के कारण गंभीर समस्या बन गई है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 तक दिल्ली का भूजल दोहन स्तर 92.10% तक पहुंच जाएगा, जो क्रिटिकल श्रेणी में आता है। रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली, उत्तर-पूर्व, शाहदरा और दक्षिण जिले ओवर-एक्सप्लॉइटेड श्रेणी में हैं। इन जिलों में भूजल का निकासी स्तर, भंडारण से कहीं अधिक है। इसके अलावा, दिल्ली में हर दिन लगभग 250 एमजीडी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि मौजूदा स्थिति जारी रही, तो 2030 तक कई क्षेत्रों में भूजल स्तर और नीचे गिर सकता है। जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर मिशन और जनभागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दिल्ली में बढ़ते भूजल संकट का सीधा असर नागरिकों की पानी की उपलब्धता पर पड़ रहा है, जिससे जीवन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
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