भारत ने हिमाचल में चिनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना को दी मंजूरी, लागत 2352 करोड़ रुपये
हिमाचल में बनेगी चिनाब-ब्यास लिंक टनल, 2352 करोड़ रुपये लागत, 8.7 किमी सुंरग और पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार

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भारत ने लाहौल स्पीति में चिनाब-ब्यास लिंक टनल बनाने का निर्णय लिया है, जिसकी लागत 2352 करोड़ रुपये है। यह 8.7 किमी लंबी सुरंग चंद्रभागा नदी के पानी को ब्यास नदी में मिलाएगी, जिससे 4000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन होगा और पाकिस्तान में जल संकट बढ़ेगा।
- 01चिनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना की लागत ₹2352 करोड़ है।
- 02यह टनल 8.7 किमी लंबी होगी और चंद्रभागा नदी का पानी ब्यास नदी में मिलाएगी।
- 03इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश में 4000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन होगा।
- 04पूर्व भाजपा नेता प्रवीण शर्मा ने इस परियोजना के लिए पिछले 10 वर्षों से प्रयास किए।
- 05इस परियोजना के तहत पाकिस्तान में जल संकट उत्पन्न होने की संभावना है।
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भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में चिनाब-ब्यास लिंक टनल बनाने का ऐलान किया है, जिसकी लागत 2352 करोड़ रुपये है। यह 8.7 किमी लंबी सुरंग चंद्रभागा (चिनाब) नदी के पानी को ब्यास नदी में मिलाएगी, जिससे हिमाचल प्रदेश में 4000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन होगा। इस परियोजना के पीछे पूर्व भाजपा नेता प्रवीण शर्मा का सपना था, जिन्होंने इस दिशा में पिछले 10 वर्षों से प्रयास किए। शर्मा ने बताया कि यह परियोजना न केवल प्रदेश की समृद्धि में सहायक होगी, बल्कि उत्तर भारत में जल संकट का भी समाधान करेगी। इस परियोजना के चलते पाकिस्तान में जल संकट बढ़ने की संभावना है, क्योंकि चंद्रभागा का पानी अब ब्यास नदी में डायवर्ट किया जाएगा। सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इस कदम को महत्वपूर्ण बताया और सरकार का आभार व्यक्त किया।
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इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश में जल और आर्थिक संसाधनों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
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