भारत का नया मिशन: भूमिगत तेल और गैस भंडारों की खोज
होर्मुज की टेंशन जड़ से हो जाएगी खत्म, जमीन में गड़े खजाने की होगी तलाश, फिर कहीं से खरीदना नहीं पड़ेगा तेल-गैस

Image: News 18 Hindi
भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में कच्चे तेल की कमी के बीच अपने भूगर्भीय खजाने की खोज का निर्णय लिया है। सरकार ने पुराने डेटा का पुनः विश्लेषण कर नए तेल और गैस भंडार खोजने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।
- 01भारत सरकार ने तेल और गैस के नए भंडार खोजने के लिए एक बड़ा मिशन शुरू किया है।
- 02पुराने भूगर्भीय डेटा का आधुनिक तकनीक से पुनः विश्लेषण किया जाएगा।
- 03पेट्रोलियम मंत्रालय ने कंपनियों को सिस्मिक डेटा प्रोसेसिंग के लिए आमंत्रित किया है।
- 04भारत की 85 प्रतिशत तेल जरूरतें आयात से पूरी होती हैं, जिससे ऊर्जा सुरक्षा में कमी आती है।
- 05इस परियोजना से जुड़े टेंडर दस्तावेज 1 जून से सार्वजनिक किए जाएंगे।
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भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में कच्चे तेल की कमी के चलते अपने भूगर्भीय खजाने की खोज का निर्णय लिया है। मोदी सरकार ने देश में तेल और गैस के नए भंडार खोजने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य विदेशों पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इस प्रक्रिया में पुराने भूगर्भीय डेटा को आधुनिक तकनीक से पुनः जांचा जाएगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कंपनियों को आमंत्रित किया है कि वे पुराने सिस्मिक डेटा को फिर से प्रोसेस करें और नए 3D सिस्मिक सर्वे करें। यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना से जुड़े टेंडर दस्तावेज 1 जून से सार्वजनिक किए जाएंगे, जिसमें सर्वे स्थान और अनुबंध की शर्तों की जानकारी होगी।
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इस परियोजना से भारत की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
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