बिहार में 'वंदे मातरम्' के अनिवार्य गायन पर AIMIM का विरोध
बिहार: "वंदे मातरम का गायन हमारी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ", AIMIM ने आंदोलन का किया ऐलान

Image: Ndtv
बिहार सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य कर दिया है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसे धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ बताते हुए आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
- 01'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य करने का निर्णय
- 02AIMIM ने आंदोलन की घोषणा की
- 03अख्तरुल ईमान ने इसे धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ बताया
- 04सरकार पर उर्दू भाषा की अनदेखी का आरोप
- 05प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर भी आलोचना
Advertisement
In-Article Ad
बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य कर दिया है। इस पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है, क्योंकि उनकी पार्टी एक ही ईश्वर की पूजा करती है और मूर्ति पूजा नहीं करती। अख्तरुल ईमान ने इस फैसले को सेकुलरिज्म के खिलाफ बताते हुए सड़क से सदन तक आंदोलन की योजना बनाई है। इसके अलावा, उन्होंने बिहार सरकार पर उर्दू भाषा की अनदेखी का भी आरोप लगाया। ईंधन के कम उपयोग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर भी उन्होंने आलोचना की, यह कहते हुए कि मोदी सरकार में भारत की गरिमा में कमी आई है।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्णय धार्मिक समुदायों के बीच तनाव पैदा कर सकता है और शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य होना चाहिए?
Connecting to poll...
More about AIMIM
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






