संविधान संशोधन बिल पास करने की प्रक्रिया: जानें आवश्यकताएँ
दो तिहाई बहुमत जरूरी, जानें! कैसे पास होता है संविधान संशोधन बिल
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारतीय संविधान में संशोधन के लिए अनुच्छेद 368 के तहत प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसके लिए दो-तिहाई बहुमत और कुल सदस्यों का 50% समर्थन आवश्यक है। यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित होना चाहिए।
- 01संविधान संशोधन के लिए अनुच्छेद 368 का प्रावधान है।
- 02दो-तिहाई बहुमत और कुल सदस्यों का 50% समर्थन आवश्यक है।
- 03संविधान संशोधन विधेयक को दोनों सदनों से अलग-अलग पारित होना चाहिए।
- 04लोकसभा में 543 सीटों में से 362 वोट की आवश्यकता है।
- 05संविधान की मूल संरचना को नहीं बदला जा सकता।
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भारतीय संविधान में संशोधन की प्रक्रिया अनुच्छेद 368 के तहत निर्धारित है। इसके अनुसार, संसद संविधान में नए प्रावधान जोड़ने, मौजूदा प्रावधानों में बदलाव करने या उन्हें हटाने का अधिकार रखती है। हालांकि, यह प्रक्रिया साधारण बहुमत से नहीं होती। संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत और सदन की कुल संख्या का 50% समर्थन आवश्यक है। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, जिसमें संविधान संशोधन के लिए 362 वोटों की आवश्यकता होती है। यदि एक सदन विधेयक को मंजूरी देता है और दूसरा अस्वीकार करता है, तो संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि संविधान की मूल संरचना को नहीं बदला जा सकता।
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