हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार बने राज्यसभा के उपसभापति
राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हरिवंश, पीएम मोदी खुद थे मौजूद
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हरिवंश नारायण सिंह को बिना किसी विरोध के तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे, जो इस प्रक्रिया की अहमियत को दर्शाता है। विपक्ष ने इस बार कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे सत्ता पक्ष की मजबूती का संकेत मिलता है।
- 01हरिवंश नारायण सिंह का तीसरी बार उपसभापति चुना जाना एक ऐतिहासिक घटना है।
- 02इस बार चुनाव में विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतरा।
- 03प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चुनाव के दौरान सदन में उपस्थित थे।
- 04हरिवंश का कार्यकाल 2032 तक चलेगा।
- 05राज्यसभा में यह उनकी तीसरी बार वापसी है।
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हरिवंश नारायण सिंह (राजनीतिक नेता) को राज्यसभा का उपसभापति लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुना गया है, जो एक ऐतिहासिक घटना है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस प्रक्रिया की अहमियत को और बढ़ा दिया। विपक्ष ने इस बार कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सत्ता पक्ष की स्थिति मजबूत है। हरिवंश का यह नया कार्यकाल 2032 तक चलेगा। उन्हें पहली बार 2018 में इस पद पर चुना गया था और यह उनका तीसरा कार्यकाल है। उनके नामांकन का प्रस्ताव विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा किया गया था, जिसमें जगत प्रकाश नड्डा और निर्मला सीतारमण शामिल थे। हरिवंश का चयन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया गया है। इस चुनाव ने सदन में राजनीतिक सहमति का संकेत दिया है।
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हरिवंश नारायण सिंह का उपसभापति बनना सदन में राजनीतिक स्थिरता और सहमति का संकेत है। यह निर्णय सदन की कार्यशैली को प्रभावित करेगा और भविष्य में महत्वपूर्ण निर्णयों पर प्रभाव डाल सकता है।
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