RBI की नई योजना से FCNR (B) जमा पर बैंकों को मिलेगा 1% अधिक ब्याज
विदेशी पूंजी बढ़ाने के लिए RBI का बड़ा दांव, FCNR (B) जमा पर 1% ज्यादा ब्याज दे सकेंगे बैंक

Image: Business Standard
भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए FCNR (B) जमा पर बैंकों को 1% अधिक ब्याज देने की अनुमति दी है। यह सुविधा 30 सितंबर, 2026 तक लागू रहेगी, जिससे बैंकों को प्रवासी भारतीयों से अधिक धन जुटाने की उम्मीद है।
- 01RBI ने 3-5 साल के लिए FCNR (B) जमा पर बैंकों को 1% अधिक ब्याज देने की अनुमति दी है।
- 02यह योजना 30 सितंबर, 2026 तक लागू रहेगी और हेजिंग की लागत RBI द्वारा वहन की जाएगी।
- 03विश्लेषकों का अनुमान है कि यह योजना 2013 की स्वैप स्कीम के तहत 34 अरब डॉलर से अधिक फंड ला सकती है।
- 04सरकारी बैंक के एक वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि हेजिंग की लागत को ध्यान में रखते हुए 100 आधार अंक अधिक ब्याज दिया जा सकता है।
- 05कुछ ग्राहक इस अवसर का लाभ उठाना चाहेंगे, खासकर जब रुपया 95 के आसपास हो।
Advertisement
In-Article Ad
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। RBI ने शुक्रवार को घोषणा की कि 3-5 साल के लिए विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) या FCNR (B) जमा राशि जुटाने वाले अधिकृत डीलर बैंक एक नई सुविधा के लिए पात्र होंगे। इस सुविधा के तहत, RBI 30 सितंबर, 2026 तक हेजिंग की पूरी लागत वहन करेगा। इससे बैंकों को प्रवासी भारतीयों को मौजूदा दरों की तुलना में कम से कम 100 आधार अंक अधिक जमा दर देने की संभावना होगी। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना 2013 में इसी तरह की FCNR (B) स्वैप स्कीम के तहत जुटाए गए 34 अरब डॉलर से अधिक फंड ला सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस बार इसका प्रभाव उतना अधिक नहीं हो सकता। सरकारी बैंक के एक वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि हेजिंग की लागत को ध्यान में रखते हुए लगभग 100 आधार अंक अधिक ब्याज दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ग्राहक इस अवसर का लाभ उठाना चाहेंगे, खासकर जब रुपया 95 के आसपास हो।
Advertisement
In-Article Ad
इस योजना से भारतीय बैंकों को प्रवासी भारतीयों से अधिक धन जुटाने की उम्मीद है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप RBI की नई FCNR (B) योजना के पक्ष में हैं?
Connecting to poll...
More about भारतीय रिजर्व बैंक
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।








