भारत में एटीएम मशीनों में नकदी की कमी, RBI को लिखा गया पत्र
देश में नकदी की बाढ़, फिर ATM मशीनों में क्यों पड़ा है सूखा ? एटीएम सर्विसेज के सामने कैश की किल्लत, RBI को लिखी चिट्ठी

Image: Zee News
हालांकि भारत में कुल 42.54 लाख करोड़ रुपये की करेंसी सर्कुलेशन में है, कई राज्यों में एटीएम मशीनों में नकदी की कमी हो रही है। एटीएम उद्योग संगठन ने भारतीय रिजर्व बैंक को इस समस्या के लिए पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया है कि बैंकों से पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है।
- 01CATMi ने भारतीय बैंक संघ और RBI को बताया कि एटीएम रिफिलिंग के लिए मार्च में 94,000 करोड़ रुपये की जरूरत थी, लेकिन केवल 61,000 करोड़ रुपये मिले।
- 02एटीएम ट्रांजैक्शन में मई में 446.5 मिलियन की कमी आई, जो जनवरी में 498.4 मिलियन था।
- 03ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में लोगों को पैसे निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- 04बैंकों को एटीएम में कैश नहीं भरने पर जुर्माना भरना पड़ता है।
- 05CATMi ने बताया कि मार्च में एटीएम ऑपरेटर्स को केवल 64% कैश मिली, जो अप्रैल में गिरकर 57% रह गई।
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हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 22 मई तक 42.54 लाख करोड़ रुपये की करेंसी सर्कुलेशन में है, लेकिन कई राज्यों में एटीएम मशीनों में नकदी की कमी हो रही है। एटीएम उद्योग संगठन 'द कॉन्फ्रीड्रेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi)' ने भारतीय बैंक संघ (IBA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को इस समस्या के बारे में पत्र लिखा है। CATMi का कहना है कि मार्च में एटीएम को रिफिलिंग के लिए 94,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, लेकिन बैंकों ने केवल 61,000 करोड़ रुपये प्रदान किए। अप्रैल में यह संख्या और भी कम होकर 54,000 करोड़ रुपये रह गई। इस कमी के कारण, विशेषकर ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में, लोगों को पैसे निकालने में कठिनाई हो रही है। RBI के अनुसार, एटीएम ट्रांजैक्शन में भी कमी आई है, जो मई में 446.5 मिलियन पर पहुंच गई। यदि एटीएम में समय पर कैश नहीं भरा गया, तो बैंकों को जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में लोगों को पैसे निकालने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
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