आगरा स्मार्ट सिटी की सफाई व्यवस्था पर सवाल: करोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी का साम्राज्य
स्मार्ट सिटी आगरा का हाल: 375 करोड़ खर्च, बढ़ाए गए दो हजार सफाईकर्मी...फिर भी सड़कों पर कूड़े के ढेर!
Amar Ujala
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आगरा, उत्तर प्रदेश में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सफाई व्यवस्था के लिए 375 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन शहर में गंदगी और कचरे के ढेर बिखरे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2000 की गई है, फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
- 01आगरा में सफाई व्यवस्था के लिए 375 करोड़ रुपये का खर्च
- 02सफाई कर्मचारियों की संख्या 2000 तक बढ़ाई गई
- 03कंपनी केवल 88% घरों से कूड़ा उठा रही है
- 04नालों और सड़कों पर कचरे की स्थिति गंभीर
- 05पार्षदों ने सफाई की जिम्मेदारी बढ़ाने की मांग की
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आगरा, उत्तर प्रदेश में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सफाई व्यवस्था पर 375 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और ठोस कूड़ा निस्तारण योजना शामिल है। हालांकि, शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। सफाई कर्मचारियों की संख्या 2000 बढ़ाई गई है, लेकिन केवल 88% घरों से ही कूड़ा उठाया जा रहा है। पार्षद बंटी माहौर और यशपाल सिंह ने बताया कि मुख्य सड़कों पर सफाई का काम चल रहा है, जबकि गलियों और मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे हैं। सफाई व्यवस्था के लिए जुर्माने की व्यवस्था भी है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। पार्षद कप्तान सिंह ने सफाई व्यवस्था की जवाबदेही बढ़ाने के लिए विशेष कार्यबल बनाने की मांग की है।
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सफाई व्यवस्था में सुधार न होने से शहर में स्वास्थ्य और स्वच्छता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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