चंबल में बालू माफिया का खतरनाक प्रभाव: सुप्रीम कोर्ट का आज फैसला
चंबल में बालू माफिया बेलगाम: घड़ियाल-डॉल्फिन पर संकट, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा बड़ा फैसला
Amar Ujala
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चंबल सेंक्चुअरी, जो 2026 घड़ियाल, 869 मगरमच्छ और 221 डॉल्फिनों का घर है, अवैध बालू खनन के कारण संकट में है। सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगा, जिसमें वन रक्षकों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- 01चंबल सेंक्चुअरी में अवैध बालू खनन जलीय जीवों के लिए संकट बन गया है।
- 02सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगा।
- 03वन रक्षकों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है, खासकर उत्तर प्रदेश में।
- 04सुरक्षा उपकरणों की कमी से वन रक्षकों की सुरक्षा खतरे में है।
- 05मध्य प्रदेश में वन रक्षकों पर हमले बढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा की आवश्यकता बढ़ गई है।
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चंबल सेंक्चुअरी, जो 1,695 वर्ग किलोमीटर में फैली है, 2026 घड़ियाल, 869 मगरमच्छ और 221 डॉल्फिनों का घर है। यहां अवैध बालू खनन जलीय जीवों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रहा है। सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के सीपी गोयल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वन रक्षकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश में प्रति 42 वर्ग किमी क्षेत्र में केवल एक वन रक्षक है। सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण वन रक्षकों की सुरक्षा खतरे में है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संगठित अवैध खनन गिरोहों से निपटने के लिए वन्यजीव कर्मियों के पास आवश्यक हथियार और सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले में निर्णय सुनाएगा, जो चंबल सेंक्चुअरी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
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अगर सुप्रीम कोर्ट अवैध खनन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाता है, तो इससे चंबल सेंक्चुअरी के जलीय जीवों की सुरक्षा में सुधार हो सकता है।
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