चिनाब टनल परियोजना: भारत के कदम से पाकिस्तान की चिंता बढ़ी
Chenab Tunnel: भारत के चिनाब नदी पर बांध और सुरंग से क्यों संकट में पाकिस्तान, 5 पॉइंट में समझिए
Image: Nbt Navbharattimes
भारत ने चिनाब नदी पर एक टनल परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी में मोड़ना है। इस परियोजना से पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह सिंधु जल संधि का उल्लंघन माना जा रहा है।
- 01भारत चिनाब नदी पर एक टनल बना रहा है, जिससे 19 लाख एकड़ फीट पानी ब्यास नदी में भेजा जाएगा।
- 02पाकिस्तान का कहना है कि चिनाब नदी का पानी उसके अधिकार में है और भारत इसे अवैध रूप से मोड़ रहा है।
- 03सिंधु जल संधि के तहत भारत को रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का उपयोग करने का अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों का।
- 04भारत ने पिछले साल सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था, जिससे पाकिस्तान में चिंता बढ़ी है।
- 05इस परियोजना की कुल लागत 2600 करोड़ रुपये है और काम अगस्त 2023 में शुरू होने की योजना है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत ने हिमाचल प्रदेश में चिनाब नदी पर एक टनल परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नदी के अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी के बेसिन में मोड़ना है। यह सुरंग चिनाब नदी की ऊपरी धारा पर बनाई जाएगी, जिससे लगभग 19 लाख एकड़ फीट पानी ब्यास नदी में भेजा जाएगा। पाकिस्तान ने इस परियोजना को अपने लिए खतरा मानते हुए चिंता जताई है, क्योंकि यह सिंधु जल संधि का उल्लंघन माना जा रहा है। 1960 में स्थापित इस संधि के तहत भारत को रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का उपयोग करने का अधिकार है, जबकि पाकिस्तान को चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों का। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस परियोजना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे संधि का उल्लंघन बताया है। भारत ने पिछले साल सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था, जिससे पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है। इस परियोजना की कुल लागत 2600 करोड़ रुपये है और काम अगस्त 2023 में शुरू होने की योजना है।
Advertisement
In-Article Ad
इस परियोजना से पाकिस्तान की जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत की चिनाब टनल परियोजना से पाकिस्तान की जल आपूर्ति पर असर पड़ेगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





