दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवे चरण की डेडलाइन अक्टूबर 2026 तय
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवे फेज की डेडलाइन तय, Ganga Expressway से होगी सीधी कनेक्टिविटी
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवे चरण का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह चरण गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली और प्रयागराज के बीच यात्रा को आसान बनाएगा। किसानों की मांगों को लेकर कुछ बाधाएं भी सामने आई हैं।
- 01पांचवे चरण का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
- 02गंगा एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी
- 03किसानों की मांगों के कारण कार्य में बाधाएं
- 04मेरठ के आधे हिस्से को मिलेगा लाभ
- 05जाम में कमी आएगी
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवे चरण का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह चरण गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली और प्रयागराज के बीच यात्रा को आसान बनाएगा। 14 किमी लंबे इस कनेक्टर में कई निर्माण कार्य अभी बाकी हैं, जिसमें मिट्टी भराव और डामर कार्य शामिल हैं। किसानों के धरने के कारण कार्य में बाधाएं आ रही हैं, जिनमें जैनुद्दीनपुर में उतार-चढ़ाव का रैंप बनाने की मांग शामिल है। यदि यह चरण पूरा हो जाता है, तो मेरठ के कई क्षेत्रों जैसे शास्त्रीनगर, मेडिकल, और गंगानगर के वाहन दिल्ली जाने के लिए इसका उपयोग कर सकेंगे। इससे पौड़ी की तरफ के वाहनों का आना-जाना भी आसान हो जाएगा और बिजली बंबा बाईपास पर जाम में कमी आएगी।
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इस परियोजना के पूरा होने से मेरठ के कई क्षेत्रों के निवासियों को दिल्ली जाने में सुविधा होगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और जाम में कमी आएगी।
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