रांची नगर निगम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन पर विरोध और निंदा प्रस्ताव
रांची नगर निगम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन अटकने पर विरोध, निंदा प्रस्ताव पारित
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रांची नगर निगम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में आवश्यक संशोधनों के पारित न होने पर एक विशेष बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया। महापौर रोशनी खलखो ने विपक्ष पर महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को बाधित करने का आरोप लगाया और इसे महिला विरोधी मानसिकता करार दिया।
- 01रांची नगर निगम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर निंदा प्रस्ताव पारित किया।
- 02महापौर ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को बाधित करने का आरोप लगाया।
- 03यह विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने का प्रावधान करता है।
- 04महापौर ने इसे समावेशी लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
- 05नगर निगम ने महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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रांची नगर निगम के निगम हाल में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में आवश्यक संशोधनों के पारित न होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर नकारात्मक रुख अपनाया है, जिससे महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इस विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है, जो उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। महापौर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस कानून को लटकाया है, जो समावेशी लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। बैठक में उपमहापौर और पार्षदों की मौजूदगी में सामूहिक रूप से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में नगर निगम की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
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यह प्रस्ताव महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में एक मजबूत संदेश भेजता है, जो स्थानीय समुदाय में महिलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ा सकता है।
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