हौजरानी अग्निकांड: फोरेंसिक जांच में होटल की अवैधता के कई खुलासे
हौजरानी अग्निकांड: 4 घंटे तक चली फोरेंसिक टीम की जांच, 'सिल्वर कैटेगरी' में पंजीकृत था होटल; हुए कई खुलासे
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Image: Jagran
दिल्ली के हौजरानी अग्निकांड के तीसरे दिन फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। होटल 'सिल्वर कैटेगरी' में पंजीकृत था, लेकिन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया। जांच में आग के कारणों और सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की पड़ताल की जा रही है।
- 01फोरेंसिक साइंस लैब की टीम ने आग के शुरुआती बिंदु और कारणों की जांच की।
- 02होटल को 'सिल्वर कैटेगरी' के तहत पंजीकृत किया गया था, जो अवैध था।
- 03होटल के लाइसेंस में केवल दो मंजिलों पर काम करने की अनुमति थी।
- 04जांच में फायर अलार्म और आपातकालीन निकास की कार्यक्षमता की भी जांच की जा रही है।
- 05होटल में बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का उपयोग अवैध था।
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दिल्ली के हौजरानी अग्निकांड के तीसरे दिन फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल पर जांच शुरू की। टीम ने आग के शुरुआती बिंदु, शॉर्ट-सर्किट की संभावना और आग फैलने के कारणों की पड़ताल की। जले हुए तार और इलेक्ट्रानिक उपकरणों के नमूने एकत्र किए गए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि होटल में फायर अलार्म और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा उपकरण कार्यरत थे या नहीं। यह अवैध होटल 'सिल्वर कैटेगरी' के तहत पंजीकृत था, जिसमें केवल दो मंजिलों पर काम करने की अनुमति थी। होटल के पंजीकरण प्रमाणपत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि तीन कमरे पहली मंजिल और तीन कमरे दूसरी मंजिल पर संचालित किए जा सकते हैं। लेकिन होटल में बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का उपयोग अवैध था, जहां मेहमानों को ठहराया जाता था। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कब और कैसे हुआ।
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हौजरानी अग्निकांड ने स्थानीय सुरक्षा मानकों की जांच को आवश्यक बना दिया है।
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