बहुअकबरपुर: वीर सैनिकों की भूमि और उनकी शौर्य गाथाएँ
Rohtak News: वीरों की धरती बहुअकबरपुर...आसमान से भी ऊंचा है सैनिकों का शौर्य
Amar Ujala
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बहुअकबरपुर गांव, रोहतक जिले, हरियाणा, भारत में वीर सैनिकों की एक समृद्ध परंपरा है। यहां के मेजर जनरल जंग शमशेर सिंह और अन्य सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गांव में 300 से अधिक सैनिक हैं, जो देश सेवा के प्रति समर्पित हैं।
- 01बहुअकबरपुर गांव को वीरों की भूमि माना जाता है।
- 02मेजर जनरल जंग शमशेर सिंह पहले हरियाणवी हैं जिन्होंने इस पद को हासिल किया।
- 03गांव में 300 से अधिक सैनिक हैं, जो विभिन्न पदों पर सेवा दे चुके हैं।
- 04स्वतंत्रता सेनानी करतार सिंह का योगदान भी उल्लेखनीय है।
- 05गांव के युवा सेना में जाने के प्रति उत्साहित हैं।
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रोहतक जिले, हरियाणा, भारत का बहुअकबरपुर गांव वीर सैनिकों की भूमि के रूप में जाना जाता है। यहां के मेजर जनरल जंग शमशेर सिंह, जो पहले हरियाणवी मेजर जनरल हैं, ने मातृभूमि की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गांव में 8600 परिवार हैं, जिनमें से 300 से अधिक सैनिक विभिन्न पदों पर सेवा दे चुके हैं। हवलदार निरंकार बल्हारा, जो 90 वर्ष के हैं, ने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में भाग लिया। गांव के युवा सेना में जाने के प्रति उत्साहित हैं, जो यहां की मिट्टी में रची-बसी देशभक्ति का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानी करतार सिंह का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है, जिन्होंने आजाद हिंद फौज में सेवा दी और कई बार ताम्र पत्र से सम्मानित किए गए। इस गांव की शौर्य गाथाएँ आज भी लोगों में गर्व का भाव जगाती हैं।
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गांव के युवाओं में सेना में जाने की प्रेरणा और देशभक्ति की भावना बढ़ रही है, जिससे स्थानीय समुदाय में गर्व और एकता का अनुभव होता है।
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