उत्तर प्रदेश में महंगाई से खाद्य पदार्थों के दामों में भारी वृद्धि
UP: महंगाई की आंच पर पक रही दाल, मेवे-मसालों में भी उछाल; खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से बिगड़ा घर का बजट
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। दालों, मेवों और मसालों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे ग्राहकों ने अपनी खरीदारी सीमित कर दी है।
- 01सफेद इलायची की कीमत 3400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
- 02बादाम के दाम में एक महीने में 100 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है।
- 03रिफाइंड तेल की कीमत 145 रुपये प्रति 750 एमएल हो गई है।
- 04महंगाई का असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है।
- 05सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के प्रयास कर रही है।
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उत्तर प्रदेश में महंगाई ने खाद्य पदार्थों की कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है, जिससे ग्राहकों में अनिश्चितता का माहौल है। किराना और थोक बाजारों में, ग्राहकों ने अपनी खरीदारी को सीमित कर दिया है, और केवल आवश्यक सामान खरीदने पर ध्यान केंद्रित किया है। विशेष रूप से, सफेद इलायची और सूखे मेवों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। उदाहरण के लिए, बादाम की कीमत एक महीने में 100 रुपये प्रति किलो बढ़ गई है। दालों के दाम भी बढ़े हैं, जैसे चने की दाल 78 रुपये से 70 रुपये प्रति किलो हो गई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में कमी नहीं आई, तो महंगाई और बढ़ सकती है। गृहिणियों ने बताया कि रसोई का बजट बिगड़ रहा है और उन्हें हर महीने अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रयासरत है।
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महंगाई के कारण मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का बजट बिगड़ रहा है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
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