लखनऊ में दारोगा को मृत आरोपी की रिपोर्ट न पेश करने पर न्यायालय ने फटकार लगाई
लखनऊ में आरोपी की मृत्यु सत्यापन आख्या पेश न करने पर दारोगा को फटकार, इंस्पेक्टर से मांगा जवाब

Image: Jagran
लखनऊ में अपर सत्र न्यायाधीश रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने दारोगा राहुल द्विवेदी को मृत आरोपी राकेश कुमार की मृत्यु सत्यापन आख्या अदालत में पेश न करने पर फटकार लगाई। न्यायालय ने स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
- 01अपर सत्र न्यायाधीश ने मृत आरोपी की रिपोर्ट न पेश करने पर दारोगा को फटकार लगाई।
- 02मामला गुडंबा थाने में दर्ज किया गया था जिसमें 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।
- 03पुलिस ने न्यायालय को बताया कि मृत आरोपी का निवास गुजरात में है, जिससे रिपोर्ट दाखिल नहीं हो पाई।
- 04न्यायालय ने पुलिस आयुक्त को मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
- 05अगली सुनवाई में उपनिरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया।
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लखनऊ में अपर सत्र न्यायाधीश रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने गुडंबा थाने के दारोगा राहुल द्विवेदी को कड़ी फटकार लगाई है। यह कार्रवाई तब हुई जब दारोगा ने मृत आरोपी राकेश कुमार की मृत्यु सत्यापन आख्या अदालत में पेश नहीं की। न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया था कि पुलिस अधिकारी इस मामले में स्पष्टीकरण दें, अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है। इस मामले में 23 जुलाई 2025 को गुडंबा थाने की पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 1.07 करोड़ रुपये और अन्य सामान बरामद हुआ था। पुलिस ने बताया कि मृत आरोपी का निवास गुजरात में है, जिसके कारण रिपोर्ट दाखिल नहीं हो पाई। न्यायालय ने इस स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए पुलिस आयुक्त को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
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इस मामले से लखनऊ में पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
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