भारत ने सफलतापूर्वक मल्टीपल वॉरहेड तकनीक वाली अग्नि मिसाइल का परीक्षण किया
'मल्टीपल वॉरहेड तकनीक वाली एडवांस अग्नि मिसाइल का परीक्षण सफल', रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
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भारत ने ओडिशा के तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल सिस्टम से लैस अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण भारत की सामरिक क्षमताओं को दर्शाता है, जिसमें एक ही मिसाइल से कई लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता शामिल है।
- 01भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- 02यह परीक्षण ओडिशा के तट के पास हुआ।
- 03MIRV तकनीक से मिसाइल को कई लक्ष्यों पर वार करने की क्षमता मिली।
- 04रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परीक्षण की सराहना की।
- 05अग्नि-5 की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है।
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भारत ने शुक्रवार को ओडिशा के तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम से लैस अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण भारत की सामरिक क्षमताओं को दर्शाता है, जिसमें एक ही मिसाइल प्रणाली द्वारा कई लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता है। MIRV तकनीक से मिसाइल को विभिन्न लक्ष्यों पर अलग-अलग परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता मिलती है, जिससे यह दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम होती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर बधाई दी और इसे देश की रक्षा तैयारियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। अग्नि-5 की आधिकारिक मारक सीमा 5,000 किलोमीटर से अधिक है, जो चीन और अन्य एशियाई देशों के साथ-साथ यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों को भी कवर करती है।
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यह परीक्षण भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करता है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
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