केरल में मॉनसून की देरी: जानें कारण और मौसम विभाग का अपडेट
Monsoon 2026: केरल में समय से पहले आने वाला मॉनसून आखिर क्यों हुआ लेट? मौसम विभाग ने दिया बड़ा अपडेट

Image: Jagran
मौसम विभाग ने बताया है कि केरल में मॉनसून की शुरुआत में देरी हो रही है, जो अब 3-4 जून को आने की संभावना है। इसका मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम और हवाओं की दिशा में बदलाव है।
- 01मौसम विभाग ने पहले 26 मई को केरल में मानसून की शुरुआत का अनुमान लगाया था, लेकिन अब यह 3-4 जून के बीच आने की संभावना है।
- 02बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम ने मानसूनी हवाओं को प्रभावित किया है, जिससे उनकी गति धीमी हो गई है।
- 03केरल में अभी प्री-मानसून बारिश हो रही है, लेकिन यह सामान्य मानसून की बारिश नहीं है।
- 04एल नीनो का प्रभाव भी मानसून की गति और वर्षा वितरण पर पड़ सकता है।
- 05मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की आधिकारिक घोषणा के लिए 14 केंद्रों में से 60 प्रतिशत पर लगातार बारिश होना आवश्यक है।
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मौसम विभाग के अनुसार, केरल में मॉनसून की शुरुआत में देरी हो रही है, जो पहले 26 मई के आसपास आने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह 3-4 जून के बीच आने की संभावना है। इस देरी का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती मौसम प्रणाली और हवाओं की दिशा में बदलाव है। मौसम विशेषज्ञ जेपी शर्मा ने बताया कि यदि मानसून 3-4 जून को भी पहुंचेगा, तो इसकी गति कमजोर रहेगी और यह उत्तर भारत की ओर तेजी से नहीं बढ़ेगा। केरल में वर्तमान में हो रही बारिश को प्री-मानसून की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, एल नीनो का प्रभाव भी मानसून की गति और वर्षा वितरण पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की आधिकारिक घोषणा के लिए 14 केंद्रों में से 60 प्रतिशत पर लगातार 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होना आवश्यक है।
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केरल में मॉनसून की देरी से कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव पड़ सकता है।
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