अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता, ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता तैयार, बस ट्रंप की 'हां' का इंतजार, खुलेगा होर्मुज
Image: Nbt Navbharattimes
अमेरिका और ईरान के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर सहमति बन गई है, जिसका उद्देश्य सीजफायर बढ़ाना और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत शुरू करना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।
- 01अमेरिका और ईरान के बीच MOU पर सहमति, ट्रंप की मंजूरी का इंतजार है।
- 02MOU में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में कोई रोक-टोक नहीं होगी।
- 03ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने का वादा करेगा।
- 0460 दिनों के भीतर बातचीत के दौरान एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे पर चर्चा होगी।
- 05अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देने और ईरान के जब्त पैसे वापस दिलाने पर चर्चा करेगा।
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अमेरिका और ईरान के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर सहमति बनी है, जो सीजफायर को बढ़ावा देने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत शुरू करने के लिए है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, यह समझौता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। MOU के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होगी, और ईरान को 30 दिनों के भीतर सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। ईरान ने यह भी वादा किया है कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। इस समझौते में अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देने की बात करेगा। हालांकि, ट्रंप ने तुरंत दस्तखत करने से इनकार कर दिया है और कुछ दिनों का समय मांगा है।
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यदि यह समझौता सफल होता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में सुधार होगा, जिससे वैश्विक व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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