पीएम मोदी का UAE दौरा: पेट्रोल-डीजल महंगाई का समाधान?
पेट्रोल डीजल महंगाई का तोड़ निकालेगा पीएम मोदी का UAE दौरा?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UAE दौरा तेल संकट के बीच हो रहा है, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल और एलएनजी की दीर्घकालिक आपूर्ति के समझौतों पर चर्चा करना है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।
- 01पीएम मोदी का UAE दौरा तेल संकट के समय हो रहा है।
- 02भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है।
- 03भारत और UAE के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा होगी।
- 04UAE हाल ही में ओपेक से बाहर निकला है, जिससे तेल उत्पादन बढ़ाने की आजादी मिली है।
- 05भारत का लक्ष्य UAE के साथ व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई को 5 देशों की यात्रा शुरू की, जिसमें उनका पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में तेल संकट बढ़ रहा है, खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण। भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है, और इस दौरे के दौरान मोदी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। बातचीत का मुख्य मुद्दा ऊर्जा सुरक्षा होगा, जिसमें कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की दीर्घकालिक आपूर्ति पर चर्चा की जाएगी। भारत के पास वर्तमान में 5.33 एमएमटी क्षमता वाले तीन रणनीतिक तेल भंडारण केंद्र हैं, और UAE की मदद से इसे बढ़ाने की योजना है। UAE हाल ही में ओपेक से बाहर निकला है, जिससे वह एक भरोसेमंद तेल सप्लायर बन सकता है। इस दौरे का उद्देश्य भारत को संभावित तेल संकट से बचाना है।
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यदि भारत UAE से कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति में सुधार करता है, तो इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, जो आम नागरिकों के लिए फायदेमंद होगा।
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