पटना में हार्डिंग पार्क टर्मिनल परियोजना की प्रगति धीमी, 95 करोड़ रुपये की लागत
95 करोड़ की रेलवे परियोजना में सुस्ती; पटना में 5 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं, GM का सख्त निर्देश भी बेअसर
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पटना में हार्डिंग पार्क टर्मिनल परियोजना का निर्माण कार्य सुस्त गति से चल रहा है, जिसमें केवल 5 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक द्वारा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। परियोजना की समयसीमा और लागत पर असर पड़ने की आशंका है।
- 01हार्डिंग पार्क टर्मिनल परियोजना का निर्माण कार्य 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 5 प्रतिशत कार्य हुआ है।
- 02प्रारंभिक स्तर के कार्यों में मशीनें हार्डिंग पार्क मैदान में खड़ी हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
- 03महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन 15 दिन बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई।
- 04परियोजना की लागत लगभग 95 करोड़ रुपये है, जिसमें पांच प्लेटफार्म, सब-वे, और बाउंड्री वाल का निर्माण शामिल है।
- 05स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि परियोजना की निगरानी में गंभीरता की कमी है, जिससे निर्माण में देरी हो रही है।
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पटना में हार्डिंग पार्क टर्मिनल परियोजना का निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिसमें केवल 5 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने 15 दिन पहले निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया है। परियोजना का पहला चरण 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक केवल प्रारंभिक स्तर के कार्य ही हुए हैं। इस परियोजना की कुल लागत 95 करोड़ रुपये है, जिसमें पांच प्लेटफार्म, सब-वे, ब्रिज एक्सटेंशन, और बाउंड्री वाल का निर्माण शामिल है। निर्माण स्थल पर लाई गई मशीनें उपयोग में नहीं आ रही हैं, और बाउंड्री वाल का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, तकनीकी बाधाएं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी देरी का कारण बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि परियोजना की निगरानी में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो परियोजना की समयसीमा और लागत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
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यदि निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो पटना जंक्शन पर यात्री दबाव बढ़ सकता है, जिससे यात्रियों को सुविधाओं में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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