बिहार में मदरसों और संस्कृत स्कूलों की जमीनी जांच का आदेश, 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा फैसला; बिहार में मदरसों और संस्कृत स्कूलों की होगी जमीनी जांच, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

Image: Zee News
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जमीनी जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। फर्जी संस्थानों को बंद करने की चेतावनी दी गई है, जबकि वैध संस्थानों को सुधार के लिए सहायता का आश्वासन दिया गया है।
- 01शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जमीनी जांच का आदेश दिया है।
- 02तीन सदस्यीय विशेष टीम अगले 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
- 03फर्जी पाए जाने वाले संस्थानों को स्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
- 04जेडीयू के नीरज कुमार ने इस कदम का समर्थन किया है, जबकि विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
- 05कांग्रेस के राजेश राठौर ने जांच को पैसे की उगाही का माध्यम बताया है।
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बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य में मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जमीनी जांच के लिए एक तीन सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम अगले 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी विद्यालय फर्जी पाए जाएंगे, उन्हें स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन वैध संस्थानों में आधारभूत संरचना की कमी होगी, उन्हें सुधार के लिए सरकार पूरी मदद करेगी। इस निर्णय पर जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार ने समर्थन जताया है, जबकि विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सरकार को टीआरई-4 शिक्षक बहाली की भी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने आरोप लगाया कि ऐसी जांचें अक्सर पैसे की उगाही के लिए होती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार जांच पारदर्शी होगी।
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इस जांच से बिहार के मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, जिससे शिक्षा प्रणाली में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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