पटना में ग्रीनफील्ड टाउनशिप की घोषणा से जमीन बाजार में गिरावट
पटना में टाउनशिप की घोषणा से जमीन का बाजार ठंडा, रजिस्ट्री में 70% गिरावट; 9 प्रखंडों में खरीद-बिक्री पर रोक
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पटना, बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की घोषणा के बाद, नौ प्रखंडों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। रजिस्ट्री में 70% की गिरावट आई है, जिससे प्रॉपर्टी डीलरों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। यह परियोजना भविष्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा कर सकती है।
- 01पटना में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की योजना से जमीन बाजार ठंडा हुआ।
- 02नौ प्रखंडों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है।
- 03रजिस्ट्री में 70% की कमी आई है, जो पहले 150 से घटकर 35-45 रह गई है।
- 04परियोजना से किसानों को 55% विकसित भूखंड मिलने की संभावना है।
- 05फतुहा और पुनपुन क्षेत्र में सबसे बड़ा विस्तार प्रस्तावित है।
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पटना, बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की घोषणा के बाद, दनियावां, फतुहा, धनरूआ, मसौढ़ी, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, फुलवारी और संपतचक सहित नौ प्रखंडों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह रोक 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस निर्णय का असर पटना सदर निबंधन कार्यालय में भी देखने को मिल रहा है, जहाँ रजिस्ट्री की संख्या में 70% की कमी आई है। पहले प्रतिदिन औसतन 150 रजिस्ट्री होती थीं, जो अब 35-45 रह गई हैं। सरकार ने इस परियोजना का उद्देश्य पटना की बढ़ती आबादी और अनियोजित विकास को नियंत्रित करना बताया है। परियोजना के तहत किसानों को उनकी अधिग्रहित जमीन के पास 55% विकसित भूखंड दिए जाएंगे, जिससे उन्हें वर्तमान कीमतों की तुलना में 10 से 20 गुना लाभ मिलने की संभावना है। फतुहा और पुनपुन क्षेत्र में 150 से अधिक मौजा इस परियोजना में शामिल किए गए हैं, जो औद्योगिक और आवासीय विकास के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
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इस परियोजना के कारण जमीन के कारोबार में मंदी आई है, जिससे प्रॉपर्टी डीलरों और बिचौलियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
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