पटना हाई कोर्ट के वकीलों ने कार्य बहिष्कार वापस लिया, बीसीआई की सलाह पर लिया निर्णय
पटना हाई कोर्ट के वकीलों ने कार्य बहिष्कार लिया वापस, बार काउंसिल ने चीफ जस्टिस से बात करने का दिया सुझाव
Jagran-1778345890147.webp&w=1200&q=75)
Image: Jagran
पटना हाई कोर्ट में अधिवक्ताओं ने 11 मई को न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय वापस ले लिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के पत्र के आलोक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने को अनुचित बताया गया। अब सभी अधिवक्ता सामान्य रूप से अदालत में भाग लेंगे।
- 01पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार वापस लिया।
- 02बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने को अनुचित बताया।
- 03अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए चीफ जस्टिस से बातचीत का सुझाव दिया गया।
- 0411 मई को सभी अधिवक्ता सामान्य रूप से अदालत की कार्यवाही में भाग लेंगे।
- 05आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
Advertisement
In-Article Ad
पटना, बिहार में पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने 11 मई को न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय वापस ले लिया है। यह निर्णय बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा भेजे गए पत्र के आलोक में लिया गया, जिसमें कहा गया कि अदालत की कार्यवाही का बहिष्कार करना सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन है। बीसीआई ने अधिवक्ताओं को सलाह दी कि उनकी मांगें न्यायोचित हो सकती हैं, लेकिन इसके समाधान के लिए शांतिपूर्ण वार्ता का रास्ता अपनाना चाहिए। समन्वय समिति ने स्पष्ट किया कि सभी अधिवक्ता 11 मई को सामान्य रूप से अदालत की कार्यवाही में भाग लेंगे और किसी भी संघ को चीफ जस्टिस से बातचीत करने की अनुमति दी गई है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि कोई आदेश का उल्लंघन करता है या किसी अधिवक्ता को न्यायिक कार्य में शामिल होने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्णय न्यायिक कार्यों में बाधा नहीं डालने और अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद को बढ़ावा देता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अधिवक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए?
Connecting to poll...
More about बार काउंसिल ऑफ इंडिया
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




