गर्मी में रात का तापमान सामान्य नहीं, हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
रात में भी हीट लोड से शरीर का तापमान सामान्य नहीं... AC-कूलर भी बेअसर, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

Image: Jagran
नई दिल्ली में, बढ़ते हीट लोड के कारण रात में भी शरीर का तापमान सामान्य नहीं हो रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एसी और कूलर भी प्रभावी नहीं हो रहे हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो भारी शारीरिक श्रम करते हैं।
- 01हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 104°F (40°C) या उससे अधिक पहुंच जाता है।
- 02कामकाजी वर्ग, जैसे निर्माण श्रमिक और गिग वर्कर, को हीट स्ट्रोक का अधिक खतरा है।
- 03विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी में पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और आराम करना आवश्यक है।
- 04खराब वेंटिलेशन वाले स्थानों में रहने वाले लोगों को ज्यादा खतरा है।
- 05रात में ठंडा रखने के उपायों का पालन करना और चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
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नई दिल्ली में, बढ़ते हीट लोड के कारण रात में भी शरीर का आंतरिक तापमान सामान्य नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि एसी और कूलर भी इस गर्मी में प्रभावी नहीं हो रहे हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। आरएमएल अस्पताल के प्रो. डॉ. अजय चौहान ने चेतावनी दी है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई, तो गंभीर मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो सकती है। हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान 104°F (40°C) या उससे अधिक हो जाता है। यह स्थिति दिमाग, हृदय और किडनी जैसे अंगों को प्रभावित कर सकती है। विशेष रूप से निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक, गिग वर्कर और ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस खतरे में हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोगों को काम के बीच आराम करना चाहिए, पर्याप्त पानी और नमक-युक्त तरल पदार्थ लेना चाहिए, और रात में ठंडा रखने के उपाय करने चाहिए।
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इस स्थिति का असर उन लोगों पर पड़ेगा जो गर्मी में काम करते हैं, जैसे निर्माण श्रमिक और गिग वर्कर।
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