जमशेदपुर के MGM अस्पताल में ऑपरेशन से पहले बेहोश करने का मामला, जांच शुरू
ब्लड लिया, बेहोश किया; फिर बिना ऑपरेशन लौटाया... जमशेदपुर MGM के ‘ओटी कांड’ से मचा हड़कंप
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Image: Jagran
जमशेदपुर, झारखंड के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला मरीज को पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए बेहोश किया गया, लेकिन बिना ऑपरेशन के वापस भेज दिया गया। परिवार ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है, और अस्पताल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।
- 01महिला मरीज को ऑपरेशन के लिए ब्लड की व्यवस्था करने के बाद ओटी में ले जाया गया और बेहोश किया गया।
- 02डॉक्टरों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया।
- 03डॉ. निलोफर अहमद ने कहा कि उनकी टीम ऑपरेशन करना चाहती थी, लेकिन डॉ. सरवर आलम ने मना कर दिया।
- 04डॉ. सरवर आलम ने आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना मरीज को ओटी में ले जाया गया।
- 05अस्पताल के प्रिंसिपल ने जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमशेदपुर में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक महिला मरीज, शांति देवी, को पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। परिवार को ऑपरेशन के लिए ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। हालांकि, जब मरीज को ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में ले जाया गया, तो उन्हें बेहोशी की दवा दी गई और घंटों बाद बिना किसी ऑपरेशन के वापस वार्ड में भेज दिया गया। परिवार ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया है। स्वजनों का कहना है कि डॉक्टरों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया। डॉ. निलोफर अहमद ने कहा कि उनकी टीम ऑपरेशन करना चाहती थी, लेकिन डॉ. सरवर आलम की अनुपस्थिति में यह संभव नहीं हो सका। डॉ. सरवर आलम ने आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना मरीज को ओटी में ले जाया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार ने जांच कराने की बात कही है और यदि आरोप सही पाए गए, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इस घटना से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिवारों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
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