गोरखपुर में खरीफ गोष्ठी: किसानों ने उठाए खाद, छुट्टा पशुओं और पराली के मुद्दे
Gorakhpur News: खरीफ गोष्ठी में खाद बीज के साथ उठा छुट्टा पशुओं व पराली का मुद्दा

Image: Amar Ujala
गोरखपुर में आयोजित खरीफ गोष्ठी में किसानों ने खाद, छुट्टा पशुओं और पराली की समस्याओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने समाधान के लिए बाड़ लगाने और अन्य उपायों का सुझाव दिया। कृषि मंत्री ने किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।
- 01किसानों ने खेतों के किनारे बाड़ लगाने का सुझाव दिया ताकि छुट्टा पशुओं से फसल की रक्षा हो सके।
- 02सिद्धार्थनगर की किसान अनुपमा वर्मा ने बाड़ लगाने के महत्व पर जोर दिया।
- 03कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
- 04किसानों ने पराली प्रबंधन के लिए उचित उपायों की मांग की।
- 05संतकबीरनगर के किसान अभिनव पांडेय ने डीजल से सिंचाई करने वाले किसानों के लिए बिजली और सोलर ऊर्जा की मांग की।
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गोरखपुर में आयोजित खरीफ गोष्ठी में किसानों ने खाद, छुट्टा पशुओं और पराली की समस्याओं पर चर्चा की। किसानों ने सुझाव दिया कि खेतों के किनारे बाड़ लगाने से छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान हो सकता है। देवरिया के सीडीओ राजेश कुमार ने नीलगायों के मेल का बधियाकरण प्रस्तावित किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई। कुछ किसानों ने पराली की समस्या को भी उठाया और उचित प्रबंधन के उपायों की मांग की। संतकबीरनगर के किसान ने बताया कि उनके क्षेत्र में 70 प्रतिशत किसान डीजल से सिंचाई करते हैं और उन्होंने बिजली और सोलर ऊर्जा की मांग की। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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किसानों की समस्याओं का समाधान होने से कृषि उत्पादन में सुधार हो सकता है और किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है।
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