छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण योजना से ग्रामीणों की आय में सुधार
सुबह 5 बजे जंगल जाओ, शाम को बैंक अकाउंट में पैसा पाओ; बेहद खास है सरकार की ये योजना

Image: India Tv
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण योजना ने हजारों ग्रामीणों और आदिवासियों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना दिया है। इस योजना के तहत, संग्राहक सुबह जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता इकट्ठा करते हैं और शाम को उन्हें बेचकर पैसे अपने बैंक खातों में प्राप्त करते हैं।
- 01बलरामपुर में लगभग 1 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक इस योजना से जुड़े हुए हैं।
- 02तेंदूपत्ता की खरीद दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरी निर्धारित की गई है।
- 03संग्रहण केंद्रों पर वन विभाग के कर्मचारी गुणवत्ता जांच करते हैं।
- 04ग्रामीणों को जीवन बीमा कवरेज और शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
- 05बलरामपुर में 482 तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं।
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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण योजना ने स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन बना दिया है। यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे लगभग 1 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के तहत, संग्राहक सुबह 5 बजे जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता इकट्ठा करते हैं और शाम को संग्रहण केंद्रों पर बेचते हैं। तेंदूपत्ता की खरीद दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरी निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, संग्राहकों को जीवन बीमा कवरेज और उनके बच्चों के लिए शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बलरामपुर में 482 तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां गुणवत्ता जांच की जाती है। इस योजना ने न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि की है, बल्कि वन आधारित समुदायों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है।
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इस योजना से ग्रामीणों की आय में वृद्धि हुई है और उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।
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