दुर्गा पूजा में यूनेस्को के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप, ममता बनर्जी के करीबी पर गंभीर सवाल
यूनेस्को के नाम पर दुर्गा पूजा में 'धोखाधड़ी', ममता बनर्जी के करीबी पर गंभीर आरोप
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कोलकाता की दुर्गा पूजा में 'मास आर्ट' के प्रमुख ध्रुवज्योति बसु पर यूनेस्को के नाम के दुरुपयोग का आरोप है। जयदीप मुखर्जी ने आरोप लगाया कि बसु ने पूजा समितियों के लिए एक प्रिव्यू शो आयोजित किया, जिसमें यूनेस्को के सहयोग का दावा किया गया। यूनेस्को ने इस दावे को खारिज किया है।
- 01ध्रुवज्योति बसु पर यूनेस्को के नाम का दुरुपयोग करने का आरोप
- 022022 से 'मास आर्ट' द्वारा आयोजित प्रिव्यू शो में यूनेस्को के सहयोग का दावा
- 03यूनेस्को ने वित्तीय लेन-देन में शामिल होने से किया इनकार
- 04बसु को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है
- 05आरोपों ने बंगाल की राजनीति और पूजा उद्योग में हड़कंप मचा दिया
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कोलकाता की विश्वप्रसिद्ध दुर्गा पूजा एक बार फिर विवादों में है। 'मास आर्ट' के प्रमुख ध्रुवज्योति बसु पर यूनेस्को के नाम का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। जयदीप मुखर्जी, जो एक दुर्गा पूजा शोधकर्ता हैं, ने कहा कि बसु ने 2022 से कोलकाता की 24 बड़ी पूजा समितियों के लिए एक 'प्रिव्यू शो' आयोजित किया, जिसमें यह दावा किया गया कि यह आयोजन यूनेस्को के सहयोग से हो रहा है। इस दौरान 'प्रिविलेज्ड प्री-पूजा एंट्री टिकट' के नाम पर भारी रकम वसूली गई। यूनेस्को ने इस विवाद में स्पष्ट किया है कि उनका बसु के साथ कोई व्यावसायिक अनुबंध नहीं है और वे किसी भी पंडाल चयन या टिकट बिक्री में शामिल नहीं हैं। बसु, जो कि कोलकाता की 'टाला प्रत्यय' पूजा समिति के प्रमुख हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं, ने आरोपों पर चुप्पी साधी है। इस कथित सांस्कृतिक घोटाले ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है, और आलोचकों का कहना है कि यह न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के साथ विश्वासघात भी है।
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इस विवाद ने बंगाल की राजनीति और पूजा उद्योग में हलचल मचा दी है, जिससे आम जनता और पर्यटकों में असंतोष बढ़ सकता है।
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