उम्मुल खेर: झुग्गी से IAS बनने तक की प्रेरणादायक यात्रा
UPSC Success Story: 16 फ्रैक्चर, 8 सर्जरी; फिर भी नहीं टूटी हिम्मत, झुग्गी से निकलकर ये महिला बनीं IAS अफसर
Zee News
Image: Zee News
उम्मुल खेर, जो राजस्थान की झुग्गी में पली-बढ़ी, ने 16 फ्रैक्चर और 8 सर्जरी के बावजूद UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी कठिनाइयों को पार करने और सफलता की नई कहानी लिखने की प्रेरणा देती है।
- 01उम्मुल खेर ने 16 फ्रैक्चर और 8 सर्जरी का सामना किया।
- 02उन्होंने आर्थिक मदद के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया।
- 03परिवार के विरोध के बावजूद, उम्मुल ने अपनी पढ़ाई जारी रखी।
- 04उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और JNU से मास्टर डिग्री प्राप्त की।
- 05UPSC 2016 परीक्षा में 420 रैंक हासिल कर IAS बनीं।
Advertisement
In-Article Ad
उम्मुल खेर की कहानी प्रेरणा से भरी हुई है। राजस्थान की झुग्गी में जन्मी उम्मुल ने अपनी जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया। हड्डियों की दुर्लभ बीमारी के कारण उन्हें 16 बार फ्रैक्चर और 8 बार सर्जरी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए, उन्होंने 10वीं कक्षा के दौरान बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। परिवार के विरोध के कारण, उम्मुल ने अपना घर छोड़कर झुग्गी में रहने का निर्णय लिया और वहां से अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने 12वीं कक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। आगे की पढ़ाई के लिए, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मास्टर डिग्री प्राप्त की। अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर, उम्मुल ने UPSC 2016 परीक्षा में 420 रैंक हासिल कर IAS अफसर बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि कठिनाइयों के बावजूद, मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती।
Advertisement
In-Article Ad
उम्मुल खेर की कहानी युवाओं को प्रेरित करती है कि कठिनाइयों के बावजूद, शिक्षा और मेहनत से सफलता पाई जा सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि कठिनाइयों का सामना करके सफलता पाई जा सकती है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




