राजस्थान हाईकोर्ट ने चपरासी भर्ती का रिजल्ट रद्द किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने चपरासी भर्ती का रिजल्ट किया रद्द

Image: Aaj Tak
राजस्थान हाईकोर्ट ने चपरासी भर्ती के परिणाम को रद्द कर दिया है, जिसमें 53,749 पदों के लिए जीरो और माइनस अंक वाले अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने न्यूनतम अंक निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे भविष्य में भर्ती प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित हो सके।
- 01राजस्थान हाईकोर्ट ने चपरासी भर्ती के परिणाम को रद्द करते हुए न्यूनतम अंक तय करने की आवश्यकता बताई।
- 02विनोद कुमार, एक एक्स आर्मी मैन, ने माइनस अंक के आधार पर नियुक्ति न मिलने के खिलाफ याचिका दायर की थी।
- 03कोर्ट ने कहा कि बिना न्यूनतम अंक के भर्ती करना गैर-संविधानिक है।
- 04राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षा सितंबर 2025 में हुई थी और परिणाम 16 जनवरी 2026 को घोषित किया गया था।
- 05अभ्यर्थियों ने बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित चपरासी भर्ती परीक्षा के परिणाम को रद्द कर दिया है, जिसमें 53,749 पदों के लिए कई अभ्यर्थियों को जीरो और माइनस अंक पर नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया में न्यूनतम अंक निर्धारित करना अनिवार्य है, अन्यथा यह गैर-संविधानिक होगा। याचिकाकर्ता विनोद कुमार, जो एक एक्स आर्मी मैन हैं, ने माइनस अंक के आधार पर नियुक्ति न मिलने की शिकायत की थी, जबकि जीरो अंक वाले अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि भर्ती में न्यूनतम अंक का निर्धारण आवश्यक है। यह निर्णय उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा सितंबर 2025 में आयोजित की गई थी और परिणाम 16 जनवरी 2026 को घोषित हुआ था।
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इस निर्णय से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो न्यूनतम अंक की आवश्यकता के बिना नियुक्तियों में भाग नहीं ले पा रहे थे।
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