IIT वैज्ञानिकों ने विकसित की इंटेलिजेंट चार्जिंग तकनीक, बैट्री की उम्र बढ़ाने में मददगार
इंटेलिजेंट चार्जिंगः बैट्री की बढ़ेगी उम्र, ब्लास्ट का जोखिम भी नहीं, IIT के वैज्ञानिकों ने खोजा समाधान
Image: Nbt Navbharattimes
IIT गांधीनगर के वैज्ञानिकों ने 'इंटेलिजेंट चार्जिंग' तकनीक विकसित की है, जो बैट्री की सेहत और मौसम के अनुसार चार्जिंग को नियंत्रित करती है। यह तकनीक बैट्री की उम्र बढ़ाने और आग लगने के जोखिम को कम करने में मदद करेगी।
- 01इंटेलिजेंट चार्जिंग तकनीक बैट्री की सेहत और मौसम की जांच करती है।
- 02यह तकनीक लिथियम प्लेटिंग को रोकने में मदद करती है, जो बैट्री के क्षमता में कमी और आग लगने का कारण बनती है।
- 03इस तकनीक का सफल ट्रायल -5 से 25 डिग्री तापमान पर किया गया है।
- 04फास्ट चार्जिंग से बैट्री जल्दी बूढ़ी हो जाती है, जिससे ब्लास्ट का खतरा बढ़ता है।
- 05इस सिस्टम में एक इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर है जो चार्जिंग करंट को नियंत्रित करता है।
Advertisement
In-Article Ad
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैट्री के लिए IIT गांधीनगर के वैज्ञानिकों ने 'इंटेलिजेंट चार्जिंग' तकनीक विकसित की है। यह तकनीक बैट्री की सेहत और मौसम की स्थिति का आकलन करती है, जिसके अनुसार चार्जिंग की गति और विधि को स्वयं नियंत्रित किया जाता है। यह लिथियम प्लेटिंग को रोकने में मदद करती है, जो बैट्री के प्रदर्शन में कमी और आग लगने का मुख्य कारण है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह प्रणाली बैट्री की उम्र को बढ़ाने और चार्जिंग को सुरक्षित बनाने में सहायक होगी। इस तकनीक का सफल परीक्षण -5 से 25 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर किया गया है। फास्ट चार्जिंग के कारण बैट्री जल्दी बूढ़ी हो जाती है, जिससे ब्लास्ट का खतरा बढ़ता है। इस नई तकनीक में इंटेलिजेंट सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है, जो बैट्री के लिए एक सुरपरवाइजर का काम करता है और विशेष परिस्थितियों में चार्जिंग करंट को कम करके सुरक्षा प्रदान करता है।
Advertisement
In-Article Ad
इंटेलिजेंट चार्जिंग तकनीक से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैट्री की उम्र बढ़ेगी और चार्जिंग के दौरान आग लगने का जोखिम कम होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप इंटेलिजेंट चार्जिंग तकनीक के लाभों के बारे में जानते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




