चंडीगढ़ की माताओं ने तकनीक से जोड़ा परिवार, वीडियो कॉल से बढ़ा अपनापन
Chandigarh News: पहले चौखट पर इंतजार, अब वीडियो कॉल में बसता है अपनापन
Amar Ujala
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चंडीगढ़ की माताएं, जो पहले अपने बच्चों के लौटने का इंतजार करती थीं, अब वीडियो कॉल और चैटिंग के माध्यम से उनसे जुड़े रहने लगी हैं। तकनीक ने उनकी दिनचर्या में बदलाव लाया है, जिससे परिवार के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।
- 01माताएं अब वीडियो कॉल और चैटिंग के जरिए बच्चों से जुड़ी रहती हैं।
- 02हरजीत कौर और शोभना पठानिया जैसी माताओं ने तकनीक सीखी है।
- 03मोबाइल अब माताओं और बच्चों के रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
- 04बच्चों की विदेश में पढ़ाई और नौकरी ने माताओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ा।
- 05तकनीक ने दूरियों को कम करने में मदद की है।
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चंडीगढ़ की माताओं ने अपने बच्चों से जुड़े रहने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। पहले जहां वे बच्चों के लौटने का इंतजार करती थीं, अब वे वीडियो कॉल और चैटिंग के माध्यम से उनसे जुड़ी रहती हैं। हरजीत कौर (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर) और शोभना पठानिया (जीएमएसएच-16 की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर) जैसी माताओं ने स्मार्टफोन चलाना सीखा है। हरजीत कौर का बेटा ऑस्ट्रेलिया में इंजीनियर है, जबकि शोभना का बेटा न्यूजीलैंड में कंप्यूटर इंजीनियर है। इन माताओं ने तकनीक को अपनाकर अपने बच्चों के साथ भावनात्मक संबंध बनाए रखा है। मोबाइल अब केवल एक गैजेट नहीं है, बल्कि यह माताओं और बच्चों के रिश्ते का एक भावुक पुल बन गया है।
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यह बदलाव माताओं को अपने बच्चों के साथ जुड़े रहने में मदद करता है, जिससे पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं।
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