भारतीय नौसेना ने चीन-पाकिस्तान चुनौती के लिए बढ़ाई ताकत
'दो मोर्चों पर मिलने वाली चुनौती से निपटने को नौसेना ने बढ़ाई ताकत', दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर

Image: Jagran
भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान से संभावित दोतरफा चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी ताकत को बढ़ा दिया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है और 'नेवल थियेटर कमांड' की स्थापना का समर्थन कर रहे हैं।
- 01भारतीय नौसेना ने पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता और समुद्री डोमेन जागरूकता को मजबूत किया है।
- 02ऑपरेशन सिंदूर के तहत 2025 में 11,000 जहाजी दिन और 50,000 उड़ान घंटे पूरे किए गए।
- 03चीन की पीएलए नौसेना की बढ़ती मौजूदगी और पाकिस्तान के साथ उसके गठजोड़ पर भारतीय नौसेना की पैनी नजर है।
- 04नेवल थियेटर कमांड का गठन युद्ध क्षमता और परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
- 05नौसेना प्रमुख ने समुद्री सुरक्षा को देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती से जोड़ा।
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भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में चीन और पाकिस्तान से संभावित दोतरफा चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि भारत किसी विशेष देश को निशाना नहीं बना रहा, बल्कि अपने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को बढ़ाया गया है और 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत अभूतपूर्व सक्रियता दिखाई गई है। इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में अपने कैरियर बैटल ग्रुप को तैनात किया, जिससे पाकिस्तान की नौसेना को अपने बंदरगाहों पर दुबकने के लिए मजबूर होना पड़ा। एडमिरल त्रिपाठी ने 'नेवल थियेटर कमांड' की स्थापना की वकालत की, जो सभी तीन सेनाओं और तटरक्षक बल की क्षमताओं को मिलाकर बनाई जाएगी।
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भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत से क्षेत्रीय सुरक्षा में सुधार होगा और संभावित समुद्री खतरों का सामना करने में मदद मिलेगी।
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