भारत-यूएई संबंधों को मजबूती देने के लिए PM मोदी की यात्रा
PM Modi की यात्रा से भारत-यूएई संबंधों को मिला बढ़ावा, 5 अरब डॉलर के निवेश के साथ हुए कई समझौते
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच 5 अरब डॉलर के निवेश के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। इनमें रक्षा साझेदारी, LPG आपूर्ति, और एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर की स्थापना शामिल है। मोदी ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
- 01भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर समझौता हुआ।
- 02गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए सहमति बनी।
- 03मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट के स्वतंत्र और खुले रहने का महत्व बताया।
- 04यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की गई।
- 05मोदी की यात्रा 15 से 20 मई तक पांच देशों के दौरे का हिस्सा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिसमें 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। इन समझौतों में द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी, एलपीजी की आपूर्ति, और गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर की स्थापना शामिल है। मोदी ने अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान कहा कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के स्वतंत्र और खुले रहने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। यह यात्रा ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
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इस यात्रा से भारत-यूएई के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग में वृद्धि होगी, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को आर्थिक और सुरक्षा लाभ मिलेंगे।
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