पीएम मोदी ने झालमुड़ी खाकर बंगाल चुनावों में नया तड़का लगाया
मटन-मछली के चैलेंज के बीच पीएम मोदी ने यूं ही खाई झालमुड़ी, बंगाल के चुनावी मेन्यू और चटपटा हो गया
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारग्राम, पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी खाकर चुनावी माहौल को और चटपटा बना दिया है। टीएमसी ने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताया, जबकि बीजेपी ने इसे बांग्ला संस्कृति के प्रतीक के रूप में पेश किया। यह चुनावी रणनीति 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले महत्वपूर्ण हो सकती है।
- 01पीएम मोदी ने झारग्राम में झालमुड़ी खाई, जिससे चुनावी माहौल में हलचल मची।
- 02टीएमसी ने पीएम मोदी के इस कदम को आदिवासी अपमान से जोड़ा।
- 03बीजेपी ने मछली और मटन के खिलाफ टीएमसी के नैरेटिव का मुकाबला किया।
- 04हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी को मटन-मछली खाने की चुनौती दी।
- 05झालमुड़ी बंगाल की पहचान बन सकती है, जैसा कि चाय कैंपेन में हुआ था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारग्राम, पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्ट्रीट स्नैक झालमुड़ी खाकर चुनावी माहौल को गरमा दिया है। यह कदम टीएमसी द्वारा बीजेपी पर लगाए गए आरोपों के बीच आया है कि बीजेपी बंगाल की संस्कृति को नहीं समझती। टीएमसी ने मोदी के इस कदम को आदिवासी समाज का अपमान बताया, जबकि बीजेपी ने इसे बांग्ला संस्कृति के प्रतीक के रूप में पेश किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी को मटन-मछली खाने की चुनौती दी है, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर इस पल का वीडियो शेयर किया, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ी है। 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले, यह चुनावी रणनीति महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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इस चुनावी माहौल में झालमुड़ी का प्रचार स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा दे सकता है और राजनीतिक चर्चा को तेज कर सकता है।
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