सुपर अल नीनो के खतरे में फसल बीमा योजना की आवश्यकता पर जोर
सुपर अल नीनो के खतरे को देखते हुए फसल बीमा योजना पर जोर देना जरुरी
Investing भारत
Image: Investing भारत
भारत में सुपर अल नीनो के कारण खरीफ फसलों को नुकसान होने की आशंका है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 90% वर्षा की संभावना जताई है, जो सामान्य स्तर से कम है।
- 01सुपर अल नीनो के कारण खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका है।
- 02प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
- 03आईएमडी ने 90% वर्षा की संभावना जताई है, जो सामान्य स्तर से 4% कम है।
- 04कर्नाटक ने पीएम फसल बीमा योजना के सामान्य स्कीम में वापसी की है।
- 05धान, दलहन, तिलहन एवं कपास जैसी फसलों के लिए बीमा की अधिक आवश्यकता होगी।
Advertisement
In-Article Ad
भारत में इस वर्ष सुपर अल नीनो के कारण मानसून पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीफ फसलों को नुकसान और कृषक समुदाय को आर्थिक घाटा होने की आशंका है। ऐसे में, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि इस वर्ष सामान्य से 90% वर्षा की संभावना है, जो सामान्य स्तर से कम है। कर्नाटक एकमात्र राज्य है जिसने पीएम फसल बीमा योजना के तहत सामान्य स्कीम की ओर वापसी की है, जबकि अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, झारखंड, और उत्तर प्रदेश ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है। धान, दलहन, तिलहन और कपास जैसी फसलों के लिए बीमा की आवश्यकता अधिक होगी, क्योंकि वर्षा की कमी का सबसे ज्यादा असर इन्हीं फसलों पर पड़ेगा। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को किसी भी परिस्थिति में आर्थिक नुकसान न हो।
Advertisement
In-Article Ad
किसानों को फसल बीमा योजना के तहत आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव से बच सकेंगे।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आप क्या सोचते हैं, क्या फसल बीमा योजना किसानों के लिए फायदेमंद है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




