1984 दंगा पीड़ित को 42 साल बाद मिली सरकारी नौकरी, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
42 साल बाद 1984 दंगा पीड़ित को मिलेगी सरकारी नौकरी, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर खुला रास्ता
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दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में माता-पिता को खोने वाले पंकज बख्शी को 42 साल बाद सरकारी नौकरी दिलाने का रास्ता साफ कर दिया है। दिल्ली सरकार ने उनकी नियुक्ति के लिए सिफारिश की है, जो केंद्र सरकार की 2006 की योजना के तहत होगी।
- 01पंकज बख्शी को 1984 के दंगों में माता-पिता की हत्या का सामना करना पड़ा।
- 02दिल्ली हाई कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आदेश दिया।
- 03यह नियुक्ति केंद्र सरकार की 2006 की योजना के तहत की जा रही है।
- 04बख्शी ने 2021 में रोजगार के लिए याचिका दायर की थी।
- 05अदालत ने आय के नुकसान का मुआवजा भी मांगा है।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित पंकज बख्शी को 42 साल बाद सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता साफ कर दिया है। न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने आदेश दिया कि दिल्ली सरकार द्वारा बख्शी के नाम की सिफारिश की जाए। यह नियुक्ति केंद्र सरकार की 2006 की योजना के तहत की जा रही है, जो दंगा पीड़ितों को रोजगार देने का प्रावधान करती है। बख्शी के पिता की हत्या 1 नवंबर 1984 को मंगोलपुरी स्थित घर में हुई थी और उनकी मां का निधन 20 जुलाई 1986 को हुआ। बख्शी ने 2021 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रोजगार देने का निर्देश मांगा था। अदालत ने यह भी कहा कि सिफारिश पर तय समय सीमा में कार्रवाई की जाए।
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यह निर्णय दंगा पीड़ितों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेगा और उनके पुनर्वास में मदद करेगा।
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