छत्तीसगढ़ में बुजुर्ग दंपत्ति की पीएम आवास की मांग ने प्रशासन को किया शर्मसार
सिस्टम के सामने बेबस होकर रोने लगे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र, अधिकारी के पैरों पर गिरकर मांगा हक, सकते में जिला प्रशासन
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक बुजुर्ग दंपत्ति ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की मांग करते हुए जिला पंचायत सीईओ के पैरों पर गिरकर गुहार लगाई। इस घटना ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। सीईओ ने आश्वासन दिया कि अगले सर्वे में उनका नाम जोड़ा जाएगा।
- 01बुजुर्ग दंपत्ति ने पीएम आवास के लिए जिला पंचायत सीईओ के पैर पकड़कर मदद मांगी।
- 02यह घटना सुशासन तिहार के दौरान हुई, जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए।
- 03दंपत्ति का नाम पात्रता सूची में नहीं था क्योंकि वे 2009 से अपने गांव से बाहर रह रहे थे।
- 04सीईओ ने अगले सर्वे में दंपत्ति का नाम जोड़ने का आश्वासन दिया।
- 05यह घटना राज्य में चर्चा का विषय बन गई है।
Advertisement
In-Article Ad
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक बुजुर्ग दंपत्ति ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की मांग करते हुए जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के पैरों पर गिरकर मदद मांगी। यह घटना सुशासन तिहार के दौरान हुई, जब दंपत्ति ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से आवास के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला है। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों और अधिकारियों को हतप्रभ कर दिया। सीईओ ने दंपत्ति को आश्वासन दिया कि उनका नाम अगले सर्वे में प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा। यह घटना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर तब जब कमार जाति को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र माना जाता है।
Advertisement
In-Article Ad
यह घटना प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है, जिससे अन्य जरूरतमंद परिवारों को भी आवास की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकार को आवास योजनाओं में सुधार करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



