PMO अधिकारी बनकर वीआईपी दर्शन कराने वाले पर सीबीआई ने दर्ज किया मामला
रिश्तेदारों के सामने टशन दिखाना पड़ा भारी! खुद को PMO अधिकारी बताकर कराए वीआईपी दर्शन, अब दर्ज हुआ मुकदमा

Image: Jagran
सीबीआई ने पी. एलंगोवन के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताकर धोखाधड़ी की। उसने तिरुवनमलाई के अन्नामलाई मंदिर में वीआईपी दर्शन की अनुमति मांगी, जिसे अधिकारियों ने स्वीकार किया।
- 01पी. एलंगोवन ने खुद को पीएमओ का अवर सचिव बताकर धोखाधड़ी की।
- 02उसने तिरुवनमलाई मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए अनुमति मांगी थी।
- 03शादी के निमंत्रण कार्ड में अपना नाम पीएमओ अधिकारी के रूप में दर्ज कराया।
- 04सीबीआई ने पीएमओ की शिकायत के बाद आठ जनवरी को जांच शुरू की।
- 05जांच में पता चला कि पीएमओ में एलंगोवन नाम का कोई व्यक्ति नहीं है।
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नई दिल्ली में सीबीआई ने पी. एलंगोवन के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में अवर सचिव के रूप में खुद को पेश कर धोखाधड़ी की। यह मामला तब सामने आया जब पीएमओ को एक शादी का निमंत्रण कार्ड मिला, जिसमें एलंगोवन का नाम अवर सचिव के रूप में लिखा था। जांच में पाया गया कि पीएमओ में ऐसा कोई अधिकारी नहीं है। 2023 में, एलंगोवन ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती के संयुक्त आयुक्त वी. कुमारेशन को फोन कर खुद को पीएमओ अधिकारी बताया और तिरुवनमलाई के अन्नामलाई मंदिर में अपने रिश्तेदारों के लिए वीआईपी दर्शन की अनुमति मांगी। कुमारेशन ने उसे अनुमति दी, लेकिन बाद में जब शादी का निमंत्रण कार्ड पीएमओ में भेजा गया, तब धोखाधड़ी का पता चला। इस मामले ने अधिकारियों को सतर्क किया और सीबीआई ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।
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यह मामला सरकारी अधिकारियों के प्रति धोखाधड़ी के मामलों की गंभीरता को दर्शाता है।
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