बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 80 लोकसेवकों पर कार्रवाई का लक्ष्य
बिहार में भ्रष्टाचारियों पर निगरानी सख्त, जून तक 80 लोकसेवकों पर कार्रवाई का लक्ष्य

Image: Jagran
बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जून तक 80 लोकसेवकों पर कार्रवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 62 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 55 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं।
- 01निगरानी ब्यूरो ने 2025 की पहली छमाही में 62 प्राथमिकी दर्ज की हैं और 55 आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
- 02इस कार्रवाई में 24.03 लाख रुपये की रिश्वत बरामद की गई है।
- 03ब्यूरो ने आम लोगों से भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
- 04पिछले 25 वर्षों में पहली छमाही में सबसे अधिक 74 मामले 2009 में दर्ज हुए थे।
- 05निगरानी ब्यूरो के महानिदेशक ने भ्रष्टाचार के मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की बात कही है।
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बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के मामलों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। इस साल के पहले छह महीनों में 80 भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ कार्रवाई का लक्ष्य रखा गया है। 25 मई तक, ब्यूरो ने 62 प्राथमिकी दर्ज की हैं और 55 आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जिनसे 24.03 लाख रुपये की रिश्वत बरामद की गई। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कार्रवाई की गति बढ़ी है, और यदि यह रफ्तार जारी रही, तो यह नया रिकॉर्ड बना सकती है। निगरानी ब्यूरो ने आम जनता से भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों की मॉनिटरिंग हर स्तर पर की जा रही है, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कार्य संस्कृति में सुधार की संभावना है।
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