NPS के तहत मेडिकल भत्ते की प्रक्रिया में बदलाव, सीधे बैंक खाते में मिलेगा भुगतान
हॉस्पिटल बिल का झंझट खत्म! NPS में अब सीधे बैंक खाते में आएगा मेडिकल भत्ता, जानें नए नियम
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केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े पेंशनभोगियों के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब पेंशनर्स को बार-बार बिल जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, और हर तीन महीने में भत्ता सीधे उनके बैंक खाते में आएगा।
- 01फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) की प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक होगी।
- 02पेंशनर्स को बार-बार मेडिकल बिल जमा करने की जरूरत नहीं।
- 03हर तीन महीने में भत्ता सीधे बैंक खाते में आएगा।
- 04जीवन प्रमाण पत्र हर साल नवंबर में जमा करना आवश्यक है।
- 05मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों के लिए भी प्रक्रिया सरल की गई है।
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केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े पेंशनभोगियों के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब पेंशनर्स को बार-बार मेडिकल बिल जमा नहीं करना होगा, और हर तीन महीने में भत्ता सीधे उनके बैंक खाते में आएगा। यह प्रक्रिया केंद्रीय पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर (CPPC) के माध्यम से होगी। पेंशनर्स को हर साल नवंबर में अपना 'लाइफ सर्टिफिकेट' जमा करना होगा, अन्यथा पेंशन और भत्ते के भुगतान में रुकावट आ सकती है। यदि किसी पेंशनर की मृत्यु हो जाती है, तो पात्र परिवार के सदस्य मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ सीधे बैंक में आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, पेंशनभोगियों को फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) के स्थान पर CGHS की OPD सुविधा चुनने का विकल्प भी दिया गया है।
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इस बदलाव से पेंशनभोगियों को कागजी झंझट से राहत मिलेगी और उन्हें समय पर भत्ता प्राप्त होगा।
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