भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता: कीवी और ऊन होंगे सस्ते
भारत-न्यूजीलैंड में हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील: कीवी, चेरी से लेकर ऊन तक, जानें और क्या-क्या होगा सस्ता
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे न्यूजीलैंड के कृषि उत्पाद जैसे कीवी, चेरी और ऊन भारत में सस्ते होंगे। यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- 01भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए।
- 02न्यूजीलैंड के कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती की गई।
- 03भारत ने न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 95 प्रतिशत सामानों पर टैक्स कम किया।
- 04न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने इसे उनकी पीढ़ी का सबसे बड़ा सौदा बताया।
- 05भारत ने अपने किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए समझौता किया।
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सोमवार को हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों देशों के व्यापार में एक नया अध्याय खोलता है। इस समझौते के तहत, न्यूजीलैंड अब भारत को निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं पर से ड्यूटी पूरी तरह से खत्म कर देगा, जबकि भारत न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 95 प्रतिशत सामानों पर टैक्स कम करेगा। इस समझौते से भारत में न्यूजीलैंड के कीवी, चेरी, ब्लूबेरी, एवोकैडो, और आड़ू जैसे फलों की कीमतें कम हो सकती हैं। इसके अलावा, ऊन, कोयला और भेड़ के मांस पर लगने वाले टैक्स को भी हटा दिया जाएगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ऐतिहासिक सौदा बताते हुए कहा कि यह भारत जैसे बड़े बाजार में न्यूजीलैंड के निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने इस पर हस्ताक्षर किए। यह डील अब न्यूजीलैंड की संसद में समीक्षा के लिए जाएगी।
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यह समझौता भारतीय उपभोक्ताओं के लिए न्यूजीलैंड के फलों की कीमतों को कम करेगा, जिससे वे अधिक सस्ते उत्पाद खरीद सकेंगे।
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