जैसलमेर में बनी एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील, 50 लाख लोगों को मिलेगी पानी की सुविधा
पाकिस्तान बॉर्डर के पास पानी की नो टेंशन! रेगिस्तान में आर्टिफिशियल झील तैयार, जैसलमेर में हुआ कमाल
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राजस्थान के जैसलमेर में एक 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी कृत्रिम झील का निर्माण किया गया है। यह झील बाड़मेर और जैसलमेर के 50 लाख निवासियों को सालभर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, विशेषकर नहरबंदी के दौरान। इसमें इंदिरा गांधी नहर से बारिश का पानी संग्रहित किया जाएगा।
- 01झील की भराव क्षमता 1413 मिलियन क्यूबिक फीट है, जिसमें 141 करोड़ लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है।
- 02इस परियोजना में 400 मजदूरों और 10 इंजीनियरों की टीम ने काम किया है।
- 03झील के बेस में 300 माइक्रोन की विशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है, जो पानी को जमीन में रिसने से रोकती है।
- 04यह झील एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील मानी जा रही है, जो रेगिस्तान में पानी की समस्या का समाधान करेगी।
- 059 जुलाई को इस झील का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया जाएगा।
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जैसलमेर, राजस्थान में एक नई कृत्रिम झील का निर्माण किया गया है, जो 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी है। जलदाय विभाग (PHED) के अनुसार, यह झील बाड़मेर और जैसलमेर में 50 लाख लोगों को 365 दिन पानी की आपूर्ति करेगी। झील में इंदिरा गांधी नहर से आने वाले बारिश के पानी को संग्रहित किया जाएगा, जिससे नहरबंदी के समय पानी की कमी नहीं होगी। इस परियोजना की भराव क्षमता 1413 मिलियन क्यूबिक फीट है, जिसमें 141 करोड़ लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है। इसके निर्माण में 400 मजदूरों और 10 इंजीनियरों की टीम ने काम किया है। झील के बेस में 300 माइक्रोन की विशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है, जो पानी को जमीन में रिसने से रोकती है। यह झील एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील मानी जा रही है और इसका उद्घाटन 9 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया जाएगा।
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यह झील बाड़मेर और जैसलमेर के निवासियों के लिए पानी की समस्या का समाधान करेगी, विशेषकर नहरबंदी के दौरान।
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