बांदा में गर्मी ने तोड़ा 75 सालों का रिकॉर्ड, तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
धधक रहा बांदा! गर्मी ने 75 सालों का तोड़ा रिकॉर्ड, जानें बुंदेलखंड का ये जिला कैसे हुआ सबसे गर्म
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
बांदा, उत्तर प्रदेश, में तापमान ने 75 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहां 27 अप्रैल को 47.6 डिग्री सेल्सियस और 19 मई को 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र 'मैन मेड हीट आइलैंड' में बदल रहा है।
- 01बांदा का तापमान लगातार चार दिनों से 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
- 0227 अप्रैल को तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस और 19 मई को 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
- 03बांदा में बढ़ती गर्मी के पीछे मानव गतिविधियों जैसे कंक्रीट निर्माण और पेड़ों की कटाई का योगदान है।
- 04पथरीले भूभाग के कारण सूरज की किरणें तेजी से सोखी जाती हैं, जिससे रात में भी तापमान कम नहीं होता।
- 05थार मरुस्थल से आने वाली गर्म हवाएं बांदा में लू का रूप ले लेती हैं।
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बांदा, उत्तर प्रदेश, इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रहा है, जहां तापमान लगातार 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बांदा ने पिछले 75 वर्षों का तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 27 अप्रैल को अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस और 19 मई को 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव गतिविधियों, जैसे कंक्रीट निर्माण और पेड़ों की कटाई, के कारण यह क्षेत्र 'मैन मेड हीट आइलैंड' में बदल रहा है। इसके अलावा, बांदा का पथरीला भूभाग सूरज की गर्मी को तेजी से सोखता है, जिससे रात में भी तापमान में कमी नहीं आती। थार मरुस्थल से आने वाली गर्म हवाएं भी इस गर्मी को बढ़ा रही हैं। इस स्थिति से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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बांदा में बढ़ती गर्मी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं और कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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