CBSE की स्कैन की गई कॉपियों में धुंधलापन: छात्रों की चिंताएं बढ़ीं
CBSE की कॉपियां स्कैन करने में हुई गलती? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑन स्क्रीन मार्किंग वाली कॉपी

Image: Ndtv
सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के परिणामों के बाद छात्रों को स्कैन की गई कॉपियां डाउनलोड करने का विकल्प दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही धुंधली कॉपियों ने छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या मार्किंग सही तरीके से हुई है।
- 01सीबीएसई ने 90 लाख कॉपियों में से केवल 13,000 कॉपियों को हाथ से चेक किया है।
- 02धुंधली कॉपियों के कारण छात्रों को अपनी लिखावट पढ़ने में कठिनाई हो रही है।
- 03सोशल मीडिया पर छात्रों ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- 04सीबीएसई की वेबसाइट स्कैन कॉपियों के लिए लिंक एक्टिव करते समय क्रैश हो गई थी।
- 05री-चेकिंग के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 मई तक बढ़ा दी गई है।
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सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने 12वीं कक्षा के परिणामों के बाद छात्रों को अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड करने का विकल्प प्रदान किया। हालांकि, कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर धुंधली कॉपियों की तस्वीरें साझा की हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनकी मार्किंग सही तरीके से की गई है। छात्रों का कहना है कि कॉपियां इतनी धुंधली हैं कि वे अपनी लिखावट भी नहीं पढ़ पा रहे हैं, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि शिक्षक कैसे सही अंक दे पाएंगे।
सीबीएसई ने बताया कि 90 लाख कॉपियों में से केवल 13,000 कॉपियों को हाथ से चेक किया गया, क्योंकि उनकी स्कैनिंग में समस्याएं थीं। इसके अलावा, जब छात्रों ने स्कैन कॉपियों को डाउनलोड करने के लिए लिंक पर क्लिक किया, तो बोर्ड की वेबसाइट क्रैश हो गई थी। इस तकनीकी समस्या के कारण, स्कैन कॉपियों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को 23 मई तक बढ़ा दिया गया है। इस पूरे मामले में सीबीएसई की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
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इस मामले का असर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें सही अंक प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
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